नई दिल्ली(टीम फिल्टर्ड): अगर आप भी अपने बच्चों को किसी प्राइवेट स्कूल में पढ़ा रहे हैतो हो सकता है आपको भी इन स्कूलों को 2 महीने की मुफ्त में फीस देना बहुत खलता भी होगा। इसी सन्दर्भ में हो सकता है की आपको आजकल इस समस्या से राहत देने वाली कोई खबर सुनाई दे रही हो ये खबर आपके किसी सोशल मीडिया अकाउंट पर आयी होगी जिसमें ये दावा किया जा रहा है की प्राइवेट स्कूल अब गर्मियों की छुट्टी की फीस नहीं ले सकेंगे. अगर वो ऐसा करेंगे तो स्कूल के खिलाफ कार्रवाई होगी. स्कूल की मान्यता भी रद्द की जाएगी। इसे हाईकोर्ट का ऑर्डर बताया जा रहा है अगर पुलिस स्कूलों पर कार्रवाई न करे तो सीएम विंडो पर शिकायत करने के लिए कहा है।

इस खबर को लगभग सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म में शेयर किया जा चुका है इस खबर के सन्दर्भ में एक लोकल अखबार की कटिंग भी शेयर की जा रही है।

व्हाट्स एप्प पर भी ऐसा ही एक मैसेज शेयर किया जा चुका है।

Filtration(फिल्ट्रेशन)

इस खबर की पड़ताल में जब हमने वायरल हो रही खबर के विषय में सर्च किया तो  किसी मीडिया संस्थान द्वारा वायरल दावे की पुष्टि करती हुई खबर नहीं मिली। पड़ताल में दिए गए आदेश क्रमांक (5812/2015 एसओ (जी-111)एसई2एल/पीएस/एचएस/3-859/18) की मदद से सर्च करने पर पता चला कि इस क्रमांक का आदेश सिंध व कराची हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस जुल्फिकार अहमद खान ने दिया है।
 

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शाहरुख शकील खान व अन्य ने यह केस 2015 में सिंध प्रांत के मुख्य सचिव के खिलाफ दायर किया था। इसका फैसला 7 अक्टूबर 2016 को सुनाया गया था। इस फैसले के द्वारा प्राइवेट स्कूलों द्वारा मनमर्जी फीस बढ़ाने पर रोक लगाई गई। इस विषय में हमे पाकिस्तान टुडे न्यूज़ आर्टिकल भी मिला जिसमें कोर्ट ने इन स्कूलों को चेतावनी दी है।

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निष्कर्ष

अतः यह स्पष्ट है की खबर पूरी तरह फर्जी है वास्तव में ऐसा आदेश पाकिस्तान की एक हाई कोर्ट ने दिया है।  यह खबर पाकिस्तान के स्कूलों के लिए है। भारत के प्राइवेट स्कूलों से इसका कोई लेना-देना नहीं है।  

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