नई दिल्ली( टीम फिल्टर्ड): सोशल मीडिया में आजकल एक मस्जिद की फोटो खूब शेयर की जा रही है इस फोटो के साथ यह दावा किया जा रहा है की बेंगलुरु के मुस्लिमों ने वहां की एक मस्जिद का नाम नरेंद्र मोदी के नाम पर रखा गया है इसके कैप्शन है:

“बेंगलुरु में मुस्लिमों ने एक मस्ज़िद का नाम @narendramodi जी के नाम पर रखा। पता नहीं कितने लोग इसके बाद आत्महत्या कर लेंगे”

उपरोक्त इस ट्वीट को करीब 400 बार रीट्वीट किया गया है। इसके साथ दो तस्वीरों को भी साझा किया गया है। इसमें बाई ओर की तस्वीर में प्रवेशद्वार पर ‘मोदी मस्जिद’ लिखा हुआ है जोकि किसी मस्जिद जैसा दिखाई दे रहा है। बाई ओर की तस्वीर में प्रधानमंत्री के पोस्टर को पीछे की तरफ देखा जा सकता है। इसी दावे को व्हाट्सअप पर भी साझा किया जा रहा है।

Filtration (फिल्ट्रेशन)

हमारी पड़ताल में यह पता चला की बेंगलुरु में मोदी मस्जिद नाम की एक मस्जिद है, लेकिन इसका नाम पीएम नरेन्द्र मोदी के नाम पर नहीं रखा गया। यहां के शिवाजी नगर में मौजूद इस मस्जिद का पूरा नाम मोदी अब्दुल गफूर मस्जिद है। इसका नाम मोदी अब्दुल गफूर के नाम पर रखा गया था, जिन्होंने मस्जिद के लिए अपनी जमीन दी थी। ये मस्जिद बैंगलुरु के शिवजी नगर में पिछले 170 वर्षों से मौजूद है।

वायरल फोटो कहाँ की हैं?

अगर वायरल इमेज की बात करें तो  बाई ओर की तस्वीर बंगलुरु के मोदी (पीएम मोदी के नाम पर नहीं) मस्जिद की है। दूसरी फोटो इंदौर की सैफी नगर मस्जिद की है। बैनर में लगी तस्वीर सितंबर 2018 की है, जब पीएम मोदी दाऊदी बोहरा समाज के ‘अशरा मुबारक’ में शिरकत करने इंदौर पहुंचे थे।

यही मस्जिद क्यों?

इसका कारण है हाल ही में मस्जिद का नवीनीकरण होना। नवीनीकरण के बाद जून माह की शुरुआत में मस्जिद का उद्घाटन किया गया। बैंगलोर टाइम्स के यूट्यूब चैनल पर मस्जिद के उद्घाटन को कवर करते हुए एक वीडियो अपलोड किया गया है।

वीडियो में 4 मिनट 55 सेंकड से मोदी मस्जिद के प्रेसिडेंट मौलाना सैयद अल्ताफ अहमद मस्जिद के इतिहास के बारे में बताते हुए देखे जा सकते हैं।

उद्घाटन के बाद से ही मोदी मस्जिद को पीएम नरेन्द्र मोदी के साथ जोड़कर प्रचारित किया जा रहा है।

निष्कर्ष

अतः वायरल हो रहा बंगलुरु में नरेंद्र मोदी के नाम की मस्जिद होने का दावा पूरी तरह से फेक है बंगलुरु में एक मोदी मस्जिद तो जरूर है किन्तु वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर नहीं बल्कि मोदी अब्दुल गफूर नाम पर है जिन्होंने अपनी जमीन मस्जिद के निर्माण में दे दी थी।

Leave a Reply

Your e-mail address will not be published. Required fields are marked *